
नई दिल्ली।
संसद में बजट पेश किए जाने के दौरान बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भारत और अमेरिका के बीच हुए आपसी समझौतों को लेकर महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा कि अनेक शर्तों के साथ हुए समझौते के बाद अमेरिका द्वारा भारत पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने की खबर सामने आई है, लेकिन इस विषय पर समुचित और स्पष्ट जानकारी के अभाव में कोई भी त्वरित आकलन करना जल्दबाज़ी होगी।
बीएसपी सुप्रीमो ने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते का वास्तविक प्रभाव तब ही स्पष्ट हो पाता है, जब वह ज़मीनी स्तर पर लागू होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस टैरिफ निर्णय से देश के बहुजन समाज, गरीबों, मजदूरों, किसानों और महिलाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह समय और व्यवहारिक अमल के बाद ही सही रूप से सामने आ सकेगा।
उन्होंने आगे यह भी कहा कि लोकतांत्रिक दृष्टि से यह अधिक उचित होता यदि सरकार संसद सत्र के दौरान ही इस समझौते और टैरिफ से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी देती। इससे देश की जनता को सही, स्पष्ट और तथ्यात्मक जानकारी मिल पाती और किसी प्रकार के भ्रम की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
बीएसपी की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक फैसलों का मूल्यांकन केवल कागज़ी समझौतों के आधार पर नहीं, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों के आधार पर किया जाना चाहिए, खासकर तब जब उनका असर देश के कमजोर और वंचित वर्गों पर पड़ने की संभावना हो।