
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना दसवां बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया। यह सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट है, इसलिए इसे राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार ने इसे जनकल्याण, बुनियादी ढांचे के विस्तार और रोजगार सृजन पर केंद्रित बताया है।
राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में यह बजट निर्णायक साबित होगा। उन्होंने दावा किया कि बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है।
बजट का आकार और प्राथमिकताएं
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट का आकार 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, सामाजिक सुरक्षा, कृषि विकास और औद्योगिक निवेश पर है। बजट में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के संतुलित विकास का लक्ष्य रखा गया है।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
बजट में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन, पेंशन योजनाओं को मजबूत करने और छात्राओं के लिए प्रोत्साहन योजनाओं की घोषणा की गई है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
युवाओं और शिक्षा के लिए योजनाएं
युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा और रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी योजना और छात्रों को तकनीकी सहायता देने जैसे प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। शिक्षा मित्रों के मानदेय में सुधार की दिशा में भी संकेत दिए गए हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश
सड़क, पुल, एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक कॉरिडोर और शहरी विकास परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर धन का प्रावधान किया गया है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष विकास योजनाओं की घोषणा की गई है। सरकार ने निवेश आकर्षित कर रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने की बात कही है।
कृषि और ग्रामीण विकास
कृषि क्षेत्र के लिए सिंचाई, भंडारण, कृषि यंत्रीकरण और किसान हितैषी योजनाओं को मजबूती देने की दिशा में प्रावधान किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के विकास और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है।
राजनीतिक महत्व
चुनाव से पहले पेश किया गया यह बजट सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। इसमें आम जनता, किसानों, महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखकर योजनाएं तैयार की गई हैं। सरकार का कहना है कि यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और विकास की गति को तेज करने में सहायक होगा।
आगामी दिनों में विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद बजट से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आएगी।