
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने 17 फरवरी को राज्य विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि यह प्रदर्शन मनरेगा से जुड़े मुद्दों और ग्रामीण रोजगार से संबंधित कथित बदलावों के विरोध में किया जाएगा। कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ने इसे गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण परिवारों के अधिकारों की लड़ाई बताया है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, हाल के समय में मनरेगा के क्रियान्वयन और प्रक्रियाओं में किए गए बदलावों से ग्रामीण क्षेत्रों में काम के अवसर प्रभावित हुए हैं। पार्टी का आरोप है कि इससे मजदूरों को समय पर काम और भुगतान मिलने में कठिनाई हो रही है। इसी के विरोध में प्रदेशभर में “मनरेगा बचाओ” अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत चौपाल, बैठकें और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
पार्टी ने कहा है कि 17 फरवरी को प्रदेश के विभिन्न जिलों से कार्यकर्ता और पदाधिकारी लखनऊ पहुंचेंगे और विधानसभा के बाहर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करेंगे। कांग्रेस का दावा है कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा और सरकार से मांग की जाएगी कि मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष समेत अन्य नेताओं ने कहा है कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। वहीं प्रशासन की ओर से संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां किए जाने की संभावना है।
यह प्रदर्शन आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच प्रदेश की सियासत को नया मोड़ दे सकता है, क्योंकि विपक्षी दल सरकार को रोजगार और ग्रामीण विकास के मुद्दे पर घेरने की रणनीति बना रहे हैं।