
जौनपुर, उत्तर प्रदेश।
आजाद समाज पार्टी के बैनर तले आयोजित “संविधान बचाओ अधिकार सम्मेलन” में Chandra Shekhar Azad ने महारैली को संबोधित करते हुए कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वे अपनी माँ, बहनों और भाइयों की आवाज बनने जौनपुर आए हैं और समाज के हर वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने पुलिस कर्मियों के लिए 8 घंटे की ड्यूटी लागू करने की बात कही और शिक्षामित्रों, रोजगार सेवकों तथा आंगनबाड़ी भर्ती से जुड़े युवाओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर मजबूर किया जाएगा।
शिक्षा को प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि “हम 2 किलो राशन की राजनीति नहीं करेंगे, बल्कि आपके बच्चों को अच्छी शिक्षा देंगे, ताकि वे नौकरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।” उन्होंने नई शिक्षा नीति लागू करने और मुख्यमंत्री से लेकर आम नागरिक तक सभी के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की व्यवस्था करने की बात कही।
आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब अन्य वर्गों को लाभ मिलता है तो दलित और पिछड़े वर्गों के आरक्षण का विरोध क्यों किया जाता है। उन्होंने विभिन्न समुदायों के नाम पर रेजीमेंट बनाने की मांग भी रखी।
महिला सुरक्षा के विषय में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आने पर किसी की हिम्मत नहीं होगी जो बहन-बेटियों की ओर गलत नजर उठाए। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि गुंडागर्दी का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से वोट के माध्यम से दिया जाए।
सभा में उन्होंने राज्य पर बढ़ते कर्ज का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक पर भारी आर्थिक बोझ डाला गया है। साथ ही मा. अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति खंडित होने के मामले में भी सरकार को घेरा। अन्य घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
उन्होंने घोषणा की कि 15 मार्च को बाराबंकी में आजाद समाज पार्टी का कार्यक्रम रैली नहीं बल्कि “मेला” के रूप में आयोजित होगा। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला और विरोधियों का खुलकर जवाब देने की बात कही।
भाषण के दौरान वे भावनात्मक भी दिखे। युवाओं से संवाद करते हुए उन्होंने समाज के उत्थान के लिए साथ देने की अपील की और बहुजन समाज के हर घर तक पहुंचने का संकल्प दोहराया। उन्होंने महापुरुषों के संघर्ष को आगे बढ़ाने और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार बनाने का आह्वान किया।
इस प्रकार जौनपुर की इस महारैली में चन्द्रशेखर आजाद ने शिक्षा, आरक्षण, महिला सुरक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर अपनी राजनीतिक रणनीति स्पष्ट की।