
28 फरवरी 2026: मध्य-पूर्व में उस समय हालात गंभीर हो गए जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान के कई इलाकों पर संयुक्त सैन्य हमला किया। इस हमले में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कई छात्र भी शामिल बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिणी ईरान के एक स्कूल के पास हुए हमले में छात्र और आम नागरिक इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मृतकों में कई छात्र शामिल हैं और कई लोग घायल भी हुए हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
अमेरिका और इजराइल का कहना है कि यह हमला ईरान के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक केंद्रों को निशाना बनाकर किया गया, ताकि सुरक्षा खतरों को रोका जा सके। इजराइल ने इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया है।
वहीं, ईरान ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे आक्रामक कार्रवाई बताया है और जवाब देने की चेतावनी दी है। हमले के बाद ईरान ने अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं, जिससे पूरे मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।
इस घटना के बाद कई देशों ने चिंता जताई है और शांति बनाए रखने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति नहीं संभली तो यह संघर्ष बड़े युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल दुनिया भर की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।