क्या धार्मिक आयोजन भी सुरक्षित नहीं रहे?
अयोध्या के राजघाट में चल रहे महायज्ञ के अंतिम दिन अचानक भीषण आग लग गई।
पूरे यज्ञ स्थल को भारी नुकसान पहुंचा है, हालांकि राहत की बात है कि कोई जनहानि नहीं हुई है।
यह घटना अयोध्या के राजघाट में आयोजित महायज्ञ के दौरान हुई, जहां 1251 हवन कुंड बनाए गए थे। आज इस यज्ञ का अंतिम दिन था। इसी दौरान अचानक पंडाल में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि ज्यादातर हवन कुंड और पंडाल जलकर राख हो गए।
मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और कई विधायक भी मौजूद थे। घटना के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आयोजक भी वहां उपस्थित थे। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जो एक राहत की बात है।
आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। हालांकि कुछ लोगों द्वारा यह कहा जा रहा है कि अंतिम आहुति के दौरान नारियल फूटने से निकली चिंगारी पंडाल में जा लगी, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।
निष्कर्ष:
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पूरा यज्ञ स्थल जलकर नष्ट हो गया है। प्रशासन कारणों की जांच में जुटा है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है।