
गुजरात के सूरत शहर में खाद्य सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय अधिकारियों ने एक ऐसी अवैध फैक्ट्री का खुलासा किया है, जहां बिना दूध का उपयोग किए बड़े पैमाने पर नकली पनीर तैयार किया जा रहा था।
जांच के अनुसार, फैक्ट्री में प्रतिदिन लगभग 400 किलोग्राम पनीर बनाया जा रहा था। इस पनीर को बनाने के लिए पामोलिन तेल, मिल्क सॉलिड पाउडर, पानी और रासायनिक पदार्थों का उपयोग किया जा रहा था। यह उत्पाद खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि तैयार नकली पनीर को मुख्य रूप से सड़क किनारे फास्ट फूड बेचने वाले विक्रेताओं तक सप्लाई किया जाता था, जहां से यह आम लोगों तक पहुंच रहा था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित व्यक्ति ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का लाइसेंस किसी अन्य स्थान के लिए लिया हुआ था, जबकि उत्पादन गतिविधि अलग स्थान पर संचालित की जा रही थी, जो नियमों का उल्लंघन है।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, पिछले लगभग दो वर्षों में इस अवैध इकाई द्वारा करीब 3 लाख किलोग्राम नकली पनीर बाजार में वितरित किया जा चुका है।
फिलहाल, संबंधित विभाग द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।