मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान पर सैन्य हमला किया है। इस हमले में ईरान के रक्षा मंत्रालय, इंटेलिजेंस मुख्यालय और परमाणु ऊर्जा केंद्र को निशाना बनाया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में मिसाइल और हवाई हमलों का इस्तेमाल किया गया। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को कमजोर करना बताया जा रहा है। हालांकि, अभी तक नुकसान और हताहतों की आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है।
इस बीच ईरानी सेना ने एक वीडियो जारी कर कड़ा संदेश दिया है। वीडियो के साथ ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कहा, “उन्होंने जंग शुरू की है, लेकिन इसे खत्म हम करेंगे।” इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान ने इस हमले को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि इससे पूरे मध्य पूर्व में बड़े युद्ध की आशंका बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक राजनीति, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। फिलहाल स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और दुनिया की नजर इस घटनाक्रम पर टिकी है।