
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल की संसद क्नेस्सेट को संबोधित करते हुए नाजी शासन द्वारा यहूदियों पर किए गए अत्याचारों को मानव इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि नाजी राज में यहूदियों की सामूहिक हत्या मानवता के सबसे दुखद और अमानवीय घटनाओं में से एक है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत और यहूदी समुदाय के बीच ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत हमेशा से विविधता, सहिष्णुता और मानवता के मूल्यों पर आधारित देश रहा है। उन्होंने कहा कि भारत उन देशों में शामिल है जहां यहूदी समुदाय ने सदियों तक सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन बिताया और उन्हें कभी भी उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि होलोकॉस्ट जैसी घटनाएं पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी हैं और यह हमें सिखाती हैं कि नफरत, भेदभाव और हिंसा के खिलाफ पूरी मानवता को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास के इन काले अध्यायों को याद रखना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और इजराइल के मजबूत होते संबंधों पर भी जोर दिया और कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार और विकास के क्षेत्र में सहयोग को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, विज्ञान और तकनीक जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इजराइल के संबंध आपसी विश्वास, सम्मान और साझा मूल्यों पर आधारित हैं और दोनों देश मिलकर शांति, स्थिरता और मानव कल्याण के लिए कार्य करते रहेंगे।
यह संबोधन भारत और इजराइल के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है।